19 मई 2019 - 12:58
ईरान के पास क्षेत्र की सबसे शक्तिशाली सेना है, इसलिए दुश्मन ख़ुदकुशी करने वाली कोई ग़लती न करे

ईरान की इस्लामी क्रांति की फ़ोर्स आईआरजीसी के कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा है कि अमरीकी दबदबे का पतन जारी है और यह अपने अंत को पहुंचने वाला है।

शनिवार को मेजर जनरल सलामी ने कहा, ईरान की शक्ति बढ़ रही है। लेकिन दुश्मन के साथ लड़ाई में ईरान दुश्मन पर ध्यान केन्द्रित करने और रणनीति तैयार करने में एक क्षण के लिए भी असावधान नहीं है।

ईरान क्षेत्र में सैन्य टकराव या तनाव में वृद्धि नहीं चाहता है, लेकिन उसने दुश्मनों को यह बता दिया है कि हर समय और हर स्थान पर वह अशांति एवं अस्थिरता फैलाने वालों का मुक़ाबला करने के लिए तैयार है। तेहरान का मानना है कि उसे अपनी रक्षा के लिए किसी से अनुमति लेने की ज़रूरत नहीं है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर अतिक्रमण का मुक़ाबला करने के लिए ईरान के पास विभिन्न विकल्प हैं और वह निश्चित रूप से हमलावरों को आश्चर्य में डाल देगा। ईरान की रक्षात्मक शक्ति विशेष रूप से मिसाइल शक्ति के कारण ही रक्षा विशेषज्ञ ईरान को एक शक्तिशाली एवं स्थिर शक्ति मान रहे हैं। वाशिंगटन की विदेश परिषद के हवाले से अल-मुहीत वेबसाइट ने लिखा है कि ईरान के पास शक्तिशाली वायु रक्षा प्रणाली है और ईरान सैकड़ों हवाई हमलों का पूरी ताक़त से जवाब दे सकता है और हमलावर मिसाइलों को निशाना बना सकता है। इसी प्रकार, ईरान की नौसेना के पास पनडुब्बियों से लेकर तेज़ रफ़्तार कश्तियां हैं, जो अलग अलग फ़ासलों से सतह, पानी और पानी की गहराईयों में लक्ष्यों को भेद सकती हैं।

अमरीका के रक्षा विशेषज्ञ एंटोनि कोर्डज़मैन का कहना है कि ईरान के पास फ़ार्स खाड़ी में सबसे शक्तिशाली सेना है।

इन समस्त वास्तविकताओं के बावजूद अगर दुश्मन ग़लत आंकड़ों के आधार पर ईरान के ख़िलाफ़ कोई क़दम उठाता है, तो निश्चित रूप से यह दुश्मन की एक बड़ी भूल होगी।